कंप्यूटर पर निबंध ।essay on computer । nibandh on computer | anuched on computer ।कंप्यूटर पर अनुछेद
पर निबंध ।essay on computer । nibandh on computer | anuched on computer ।कंप्यूटर पर अनुछेद,कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के 'कंप्यूट' शब्द से ह
कंप्यूटर
Computer पर निबंध ।essay on computer । nibandh on computer | anuched on computer ।कंप्यूटर पर अनुछेद
निबंध लेखन -
कंप्यूटर
![]() |
| कंप्यूटर पर निबंध ।essay on computer |
कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के 'कंप्यूट' शब्द से हुई है। कंप्यूटर का अर्थ है- गणना करना। प्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो हमें विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने में सहायता करती है तथा हमारे द्वारा दिए आदेशों का पालन करती है।
कंप्यूटर का जन्मदाता 'चार्ल्स बैवेज' को माना जाता है। पहला कंप्यूटर सन् 1946 में बनाया गया था, जो कि आकार में बहुत बड़ा था। जटिल कंप्यूटर को निर्मित करने का श्रेय अमेरिका के
'हरवर्ड एकन' को जाता है। अब तो कंप्यूटर को लेकर नित नवीन सुधार हो रहे हैं। कंप्यूटर को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जा सकता है।
कंप्यूटर का प्रथम भाग 'की-बोर्ड' है, जिसका उपयोग हम
कंप्यूटर की जानकारी (डाटा) देने के लिए करते हैं। दूसरा भाग सी० पी० यू० है, जो कंप्यूटर के मस्तिष्क का कार्य करता है। तृतीय भाग मॉनीटर है, जो कंप्यूटर में भेजी गई जानकारी और कंप्यूटर द्वारा दिए गए उत्तरों को देखने के काम आता है।
कंप्यूटर में सूचनाएँ एकत्रित करने हेतु भाषा और संकेत भरे जाते हैं। ये किसी भी भाषा की वर्णमाला के अक्षर नहीं होते, इसलिए सभी सूचनाओं को पहले कंप्यूटर की भाषा में बदला जाता है। इसके कुंजीपटल पर अंग्रेजी वर्णमाला के छब्बीस वर्ण होते हैं तथा विराम-चिह्नों को संकेतों के द्वारा ही प्रकट किया जाता है। कंप्यूटर का संचालन प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। कंप्यूटर के लिए प्रोग्राम बनाने वाले को 'प्रोग्रामर' कहते हैं।
प्रोग्रामर बनने के लिए व्यक्ति को विशेष रूप से प्रशिक्षण लेना पड़ता है। क्योंकि प्रोग्रामर की एक छोटी-सी भूल भी
पूरे दिन की मेहनत बेकार कर देती है। कंप्यूटर का प्रयोग जिस तरह से विकसित देशों में हो रहा है, उसी तेजी से भारत में भी इसका प्रचार-प्रसार बढ़
रहा है।
कंप्यूटर की जानकारी (डाटा) देने के लिए करते हैं। दूसरा भाग सी० पी० यू० है, जो कंप्यूटर के मस्तिष्क का कार्य करता है। तृतीय भाग मॉनीटर है, जो कंप्यूटर में भेजी गई जानकारी और कंप्यूटर द्वारा दिए गए उत्तरों को देखने के काम आता है।
कंप्यूटर में सूचनाएँ एकत्रित करने हेतु भाषा और संकेत भरे जाते हैं। ये किसी भी भाषा की वर्णमाला के अक्षर नहीं होते, इसलिए सभी सूचनाओं को पहले कंप्यूटर की भाषा में बदला जाता है। इसके कुंजीपटल पर अंग्रेजी वर्णमाला के छब्बीस वर्ण होते हैं तथा विराम-चिह्नों को संकेतों के द्वारा ही प्रकट किया जाता है। कंप्यूटर का संचालन प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। कंप्यूटर के लिए प्रोग्राम बनाने वाले को 'प्रोग्रामर' कहते हैं।
प्रोग्रामर बनने के लिए व्यक्ति को विशेष रूप से प्रशिक्षण लेना पड़ता है। क्योंकि प्रोग्रामर की एक छोटी-सी भूल भी
पूरे दिन की मेहनत बेकार कर देती है। कंप्यूटर का प्रयोग जिस तरह से विकसित देशों में हो रहा है, उसी तेजी से भारत में भी इसका प्रचार-प्रसार बढ़
रहा है।
यह दैनिक कार्यों में भी हमारा सहायक बनता जा रहा है। यह बड़ी-से-बड़ी संख्याओं की त्रुटि रहित गणना क्षण भर में ही कर देता है। कंप्यूटर मौसम की भविष्यवाणी, मशीनों और मशीनों के डिजाइन, किताबों, समाचार-पत्रों की छपाई, बीमारी का सूक्ष्म परीक्षण और विश्लेषण, रेल और हवाई जहाज़ की सीटों का आरक्षण, कर्मचारियों के मासिक वेतन की गणना आदि अन्य कार्यों को करने में भी सक्षम है।
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर हमारी सभी क्षेत्रों में सहायता कर रहा है। यह मानव निर्मित यंत्र मस्तिष्क है। इसकी स्मरण शक्ति अद्वितीय है। लेकिन यह भावनाशून्य है और इसमें मानव के समान निर्णय लेने की सामर्थ्य नहीं है। दिन-प्रतिदिन इसकी बढ़ती उपयोगिता को देखकर हम कह सकते हैं कि निकट भविष्य में यह सारे जन-जीवन भर पूर्ण रूप से छा जाने वाला है। ऐसा लगता है कि कंप्यूटर के बगैर तो जीवन का निर्बाध चलना थम-सा जाएगा।
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर हमारी सभी क्षेत्रों में सहायता कर रहा है। यह मानव निर्मित यंत्र मस्तिष्क है। इसकी स्मरण शक्ति अद्वितीय है। लेकिन यह भावनाशून्य है और इसमें मानव के समान निर्णय लेने की सामर्थ्य नहीं है। दिन-प्रतिदिन इसकी बढ़ती उपयोगिता को देखकर हम कह सकते हैं कि निकट भविष्य में यह सारे जन-जीवन भर पूर्ण रूप से छा जाने वाला है। ऐसा लगता है कि कंप्यूटर के बगैर तो जीवन का निर्बाध चलना थम-सा जाएगा।
