जीवन में त्योहारों का महत्त्व ।jeevam mai tyohara ka mahttva | Importance of festival in hindi

जीवन में त्योहारों का महत्त्व ।jeevam mai tyohara ka mahttva | Importance of festival in hindi ,त्योहार समाज की धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। ये राष्ट

 जीवन में त्योहारों का महत्त्व 



जीवन में त्योहारों का महत्त्व  ।jeevam mai tyohara ka mahttva | Importance of festival in hindi 



जीवन में त्योहारों का महत्त्व  ।jeevam mai tyohara ka mahttva | Importance of festival in hindi
जीवन में त्योहारों का महत्त्व  ।jeevam mai tyohara ka mahttva | Importance of festival in hindi 



जीवन में त्योहारों का महत्त्व 


त्योहार समाज की धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। ये राष्ट्र की सभ्यता तथा संस्कृति का दर्पण हैं। ये हमारे नीरस एवं व्यस्त जीवन में उमंग, उल्लास और स्फूर्ति का संचार करते हैं। इनमें हमें पूर्वजों की अमर गाथाओं के दर्शन होते हैं। भारत पर्वों का देश है। यहाँ भिन्न-भिन्न त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे- अंधकार पर प्रकाश की जीत का पर्व दीपावली है, तो असत्य पर सत्य तथा अन्याय पर न्याय की जीत का पर्व दशहरा है होली के रूप में हम बसंत की मुसकराहट का दर्शन करते हैं, तो भाई-बहन का प्रेम दर्शाता रक्षाबंधन धागों का पर्व बनकर आता है। बैसाखी, मकर संक्रांति जैसे त्योहार ऋतु परिवर्तन के संदेशवाहक के रूपों में अपना परिचय देते हैं। 'नवरात्रे' माँ दुर्गा की पूजा के दिन हैं, तो 'शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है।


जन्माष्टमी, रामनवमी, महावीर जयंती, गुरु नानक जयंती, क्रिसमस, बुद्ध पूर्णिमा के रूप में हम महापुरुषों के जन्म दिवस को ही पर्वो का रूप दे देते हैं। सामाजिक पर्व जैसे तमिलनाडु का 'पोंगल', असम का 'बिहू', आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा तमिलनाडु का 'उगादि' तथा महाराष्ट्र का 'गुड़ी पाड़वा' पर्व भी महत्वपूर्ण हैं। सामाजिक पर्वों के साथ ही हम स्वतंत्रता दिवस गणतंत्र दिवस तथा गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय पर्व मनाते हैं।


भारत भूमि महान है। यहाँ हर दिन, हर मास पर्व आते हैं। पर्वों को मनाने से व्यक्ति समाज से जुड़ता है, क्योंकि पर्व अकेले नहीं मनाए जा सकते। होली का आनंद तभी है, जब प्रियजनों को रंगों से सराबोर कर दें। हम आपसी शत्रुता भूलकर, गुलाल का रंग लगाकर शत्रु को भी गले लगा लें। दीपावली का पर्व मन के अँधेरे को दूर करता है, तो इंद एक-दूसरे को गले लगाने का पर्व है। कहने का अभिप्राय यह है कि पर्व संपूर्ण राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधते हैं। पर्वों से पारस्परिक प्रेम संबंध मजबूत होते हैं।


पर्व का एक महत्त्वपूर्ण लाभ यह भी है कि इनसे हमारा मनोरंजन भी होता है। होली पर होने वाली रासलीला, नवरात्रों में डांडिया नृत्य, दशहरे से पूर्व रामलीला आदि लोक संस्कृति का दर्शन तथा मनोरंजन दोनों ही करवाते हैं। पंजाब में 'बैसाखी' के अवसर पर किए जाने वाले भाँगड़े को शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता। राजस्थान का गणगौर तथा हरियाली तीज जैसे संपूर्ण राजस्थान के पारंपरिक रूप को जीवंत कर देते हैं। इनको मनाने से संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना आती है। व्यक्ति, समाज तथा राष्ट्र एक हो जाते हैं।


निस्संदेह त्योहार राष्ट्र की आत्मा हैं। मानव जीवन में शांति और प्रसन्नता प्रदान करने वाले हैं। इन्हें मनाने का अर्थ है-पूर्वजों से मिली संस्कृति तथा आस्था के दीपक को वर्तमान में जलाकर, भविष्य को राह दिखाने की मंगल कामना करना।

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