मॉरिशस । Mauritius ke bare mai in hindi
मॉरिशस
Mauritius in hindi
Mauritius ke bare mai
Mauritius ke bare mai in hindi
मौरिशस के बारे मै इन हिन्दी ,अफ्रीका महादेश के दक्षिण-पूर्व और हिंद म
मॉरिशस
Mauritius in hindi
Mauritius ke bare mai
Mauritius ke bare mai in hindi
मौरिशस के बारे मै इन हिन्दी
मॉरिशस
लेखक मार्क ट्वेन ने अपनी पुस्तक 'फॉलॉइंग द एक्वेटर' में लिखा है कि मॉरीशस को देखकर आपको विचार आता है कि पहले मॉरीशस बना और फिर स्वर्ग। स्वर्ग, मॉरीशस की एक नकल मात्र हैं।
अफ्रीका महादेश के दक्षिण-पूर्व और हिंद महासागर में स्थित मॉरीशस के बारे में यह राय अकारण नहीं है। अपने छोटे से ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले इस देश ने तरक्की की नई ऊँचाई को छू लिया है। एक छोटे से द्वीप में प्राकृतिक सुंदरता की छटा सजाता यह देश विदेशियों को लगातार आकर्षित कर रहा है ।
1968 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद मॉरीशस ने तेजी से विकास किया। और आज यह अफ्रीका में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में एक है।
मॉरीशस मास्कारेने दवीप समूह का हिस्सा है। इसका निर्माण अंतः समुद्री ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण हुआ है। यहाँ का मौसम भारत से बिलकुल अलग है। मई से नवंबर यहाँ सरदी और नवंबर से मई तक गरमी रहती है। पोर्ट लुई मॉरीशस की राजधानी है। अन्य प्रमुख शहर हैं ।
क्यूपाइप, वको आम, फ़ीनिक्स, कुआर्ते बोनेंस, रोज हिल और बीयू-बासिन मॉरीशस की मुख्य फसल गन्ना है। इससे कुल निर्यात आय का 25 प्रतिशत प्राप्त होता है। इसका मुख्य व्यापारिक साझीदार फ्रांस है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के साथ व्यापार बढ़ाने की इसकी योजना है। भारत में कुल विदेशी निवेश में पहला स्थान मॉरीशस का ही है।
मॉरीशस में विभिन्न जाति समूह के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। इसमें भारत, अफ्रीका, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के वंशज विशेष रूप से हैं। यहाँ की आधिकारिक भाषा अँगरेजी है। इसके अलावा फ्रांसीसी, मॉरीशियन क्रेयोल और हिंदी भाषाएँ भी बोली और समझी जाती हैं। मॉरीशस में सभी धर्मों के लोग रहते हैं जिसमें हिंदू 52 प्रतिशत, ईसाई 27 प्रतिशत, इस्लाम 14.4 प्रतिशत हैं।
मॉरीशस स्वादिष्ट खाने के लिए भी जाना जाता है। यहाँ तरह-तरह के भारतीय, चीनी, क्रेयोल और यूरोपीय खानों का स्वाद मिल जाता है। यहाँ का लोक संगीत सेगा है, जो मूलतः अफ्रीकी संगीत है। इसमें वाद्य यंत्र पुरुष बजाते हैं और महिलाएँ साथ में नृत्य करती हैं।
यह दवीप एक पक्षी डोडो का वास स्थान था लेकिन कालांतर में ये धीरे-धीरे यहाँ से लुप्त होते चले गए। आज डोडो मॉरीशस का राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न है।
अफ्रीका महादेश के दक्षिण-पूर्व और हिंद महासागर में स्थित मॉरीशस के बारे में यह राय अकारण नहीं है। अपने छोटे से ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले इस देश ने तरक्की की नई ऊँचाई को छू लिया है। एक छोटे से द्वीप में प्राकृतिक सुंदरता की छटा सजाता यह देश विदेशियों को लगातार आकर्षित कर रहा है ।
1968 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद मॉरीशस ने तेजी से विकास किया। और आज यह अफ्रीका में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में एक है।
मॉरीशस मास्कारेने दवीप समूह का हिस्सा है। इसका निर्माण अंतः समुद्री ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण हुआ है। यहाँ का मौसम भारत से बिलकुल अलग है। मई से नवंबर यहाँ सरदी और नवंबर से मई तक गरमी रहती है। पोर्ट लुई मॉरीशस की राजधानी है। अन्य प्रमुख शहर हैं ।
क्यूपाइप, वको आम, फ़ीनिक्स, कुआर्ते बोनेंस, रोज हिल और बीयू-बासिन मॉरीशस की मुख्य फसल गन्ना है। इससे कुल निर्यात आय का 25 प्रतिशत प्राप्त होता है। इसका मुख्य व्यापारिक साझीदार फ्रांस है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के साथ व्यापार बढ़ाने की इसकी योजना है। भारत में कुल विदेशी निवेश में पहला स्थान मॉरीशस का ही है।
मॉरीशस में विभिन्न जाति समूह के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। इसमें भारत, अफ्रीका, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के वंशज विशेष रूप से हैं। यहाँ की आधिकारिक भाषा अँगरेजी है। इसके अलावा फ्रांसीसी, मॉरीशियन क्रेयोल और हिंदी भाषाएँ भी बोली और समझी जाती हैं। मॉरीशस में सभी धर्मों के लोग रहते हैं जिसमें हिंदू 52 प्रतिशत, ईसाई 27 प्रतिशत, इस्लाम 14.4 प्रतिशत हैं।
मॉरीशस स्वादिष्ट खाने के लिए भी जाना जाता है। यहाँ तरह-तरह के भारतीय, चीनी, क्रेयोल और यूरोपीय खानों का स्वाद मिल जाता है। यहाँ का लोक संगीत सेगा है, जो मूलतः अफ्रीकी संगीत है। इसमें वाद्य यंत्र पुरुष बजाते हैं और महिलाएँ साथ में नृत्य करती हैं।
यह दवीप एक पक्षी डोडो का वास स्थान था लेकिन कालांतर में ये धीरे-धीरे यहाँ से लुप्त होते चले गए। आज डोडो मॉरीशस का राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न है।
