jaldi neend kaise laye
नींद आने के घरेलू उपाय
good sleep tips in hindi
sleep tips in hindi
दोस्तो एक अच्छी हेल्थ के लिए आपने ज्यादातर यही एडवाइस सुनी होगी कि आप एक healthy स्वस्थ डाइट लो पर खूब एक्सरसाइज exercise करो। पर शायद आप भी नहीं जानते कि sleep यानी नीन्द ज्यादा इम्पॉर्टेंट है । ब्लकि स्लीप यानी नीन्द हमरी अहम जरुरत है एक्सरसाइज और स्वस्थ डाइट कंबाइन के आगे भी नीन्द जरुरी है ।पढ़ीं नहीं बल्कि कई स्टडीज में प्रूव किया गया है और एक बार को अगर हम इन स्टडीज और रिसर्च को साइड करके नॉर्मली भी बात करें तो आप भी जानते हैं कि जिस दिन आपकी नींद ढंग से पूरी होती है उसके अगले दिन आप कितना एनर्जेटिक और Refreshed फील करते हैं और लगातार एक क्वॉलिटी स्लीप लेने के बहुत सारे बेनिफिट्स हैं जैसे कि आप अपनी age से ज्यादा यंग लगते हैं आपके चेहरे पर फ्रेशनेस पहचान बरकरार रहती है आपको डिप्रेशन स्ट्रेस एंग्जाइटी जैसे मेंटल हेल्थ इशूज नहीं होते। आपका कंसंट्रेशन लेवल बढ़ जाता है। आप ओवरऑल ज्यादा प्रोडक्टिव भी हो जाते हैं और भी कई बेनिफिट है अच्छी नींद के। तो आइए आज इस पोस्ट में जानते हैं कि आखिर हम एक अच्छी और गहरी नींद लेने के लिए क्या कर सकते हैं और हम ये भी जानेंगे कि आपको अपनी एज के अकॉर्डिंग कितनी देर तक सोना चाहिए। तो चलिए इस पोस्ट को स्टार्ट करते हैं सबसे पहला और मोस्ट इफेक्टिव टिप है ।

Good sleep tips in hindi
नींद आने के घरेलू उपाय
1• सोने से पहले कोई स्क्रीन ना देखे
Avoid screen before bed time
अवॉयड स्क्रीन्स बिफोर बैड टाईम (Avoid screen before bed time)। ऐसा क्यों कहते हैं इसको समझने के लिए आपको दो चीजें जाननी पड़ेंगी। पहला मेलाटोनिन (Melatonin)दूसरा ब्लू लाइट। हमारी बॉडी कई अलग अलग तरह के हार्मोन्स रिलीज करती है जो डिफरेंट डिफरेंट बॉडी फंक्शंस के लिए रिस्पॉन्सिबल होते हैं और उन्हीं में से मेलाटोनिन भी एक हार्मोन है जो कि रिस्पॉन्सिबल होता है। हमारी डीप स्लीप साइकिल इसके लिए और हमारे टीवी फोन्स लैपटॉप्स की स्क्रीन से एक फोर सिकटी टू फोर एलटी नैनोमीटर वेवलेंथ की लाइट प्रोड्यूस होती है जिसे कहते हैं ब्लू लाइट। अब होता यह है कि हमारी आँखों में Melanopsin नामक फोटो रिसेप्टर नाम का एक सेंसर होता है। जब हमारी आँखों पे ब्लू यू लाइट पड़ती है तो ये सेंसर मेलाटोनिन का प्रोडक्शन कम कर देता है जिस वजह से आपकी नींद भी कम हो जाती है। तो इसलिए अब कोशिश करिए कि सोने से दो घंटे पहले अब कोई भी स्क्रीन ना देखें। बट अगर आपके लिए इम्पॉसिबल है आपको सोने से पहले फोन या लैपटॉप यूज करना ही पड़ता है तो आपके लिए कुछ सॉल्यूशन हैं जो थोड़े यूजफुल हो सकते हैं। पहला अगर आप एंड्रॉइड फोन यूज करते हैं तो आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ब्लू लाइट फिल्टर ऑन कर दीजिए। अगर आपके पास आईफोन है तो आप अपने फोन की नाइट शिफ्ट सेटिंग्स को अपने हिसाब से कस्टमाइज कर लीजिए दूसरा कुछ application होती हैं जो आपके फोन एन लैपटॉप की ब्लू लाइट को लीगली औरेंज कर देती हैं ताकि आपके लैपटॉप या फोन यूज करने से आपकी स्लीप साइकिल पर ज्यादा इम्पैक्ट ना पड़े। लैपटॉप के लिए एक फेमस ऐप का नाम है( f.lux) डॉट लक्स।
2. आपका बैड सोने के लिये है
Your bed is for sleeping
अगला स्टेप है आपका बैड सोने के लिये है (Your bed is for sleeping)। आप अपने बेड को सिर्फ सोने एवं आराम करने के लिए ही यूज करें ना कि पढ़ाई करने के लिए या ऑफिस का काम करने के लिए और ना ही डिनर या कुछ और करने के लिए क्योंकि ऐसा करने से आपकी नींद दो रीजंस की वजह से खराब हो सकती है। पहला जब आप अपने बेड पर बैठ कर काम करने की कोशिश करते हैं तो अक्सर लोग काम करते करते एक बहुत ही कंफर्टेबल पोश्चर (Confortable posture)में चले जाते हैं। कुछ लोग तो पूरा टाइम लेटकर अपना काम में पढ़ाई करने लगते हैं औरऐसा करने से आपकी बॉडी जितनी थक्नी चाहिए उतनी थकती नहीं है। फिर इस वजह से जब आप रात को सोने की कोशिश करते हैं तब सो नहीं पाते क्यूंकि आपका माइंड तो काम की वजह से थकान फील कर पाता है। परंतु आपका बॉडी यह सिग्नल देती है कि वो अभी थकी नहीं है। इस वजह से बहुत देर तक आप सिर्फ करवटें ही बदलते रह जाते हैं। दूसरा रीजन ये है कि हमारा माइंड जिस भी चीज को देखता है उससे रिलेटिड थॉट्स इमोशंस हमारे माइंड में एक्टिवेट हो जाते हैं। अगर आप अपने बेड पर काम या पढ़ाई रोज करते हैं तो रात को भी अपने बेड पर आने के बाद आपको अपने काम या पढ़ाई से मिलते-जुलते विचार (related thoughts) आने शुरू हो जाएंगे। एक बार अगर ऐसे थॉट्स आना शुरू हो जाते हैं तो फिर इंसान के लिए अच्छी नींद ले पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। इसलिए कोशिश करिए कि आप अपने बैड को सिर्फ सोने के लिए ही यूज करें।
3.अपने आस-पास की जगह मै अन्धकार रखे
Keep it black out
तीसरी टिप है अपने आस पास की जगह को अन्धेरा करे (keep it black out)। मतलब आप जिस भी रूम में स्वयं उस रूम में कंप्लीट अंधेरा कर दीजिए अंधेरा इतना हो कि आपको अपने हाथ भी ना दिखाई दे। अगर आप ये सोचते हैं कि सिर्फ आंखों पर काला कपड़ा बांध लेने से लाइट ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी तो आप गलत हैं क्योंकि ऐसा करने से आप गहरी नींद में नहीं जा पाएंगे। इसका रीजन ये है कि हमारी आंखों की तरह हमारी स्किन पर भी सेंसर्स होते हैं जिनकी फोटो रिसेप्टर्स कहते हैं जब हम एक ऐसे रूम में सोने की कोशिश करते हैं जिसमें पूरा अंधेरा नहीं होता तो हमारा माइंड सोने की कोशिश करता है वह हमारी स्किन के फोल्डर माइंड को ही सिग्नल देते हैं कि अभी सोने का टाइम नहीं हुआ जिस वजह से मेलाटोनिन का प्रॉडक्शन लगभग फिफ्टी परसेंट तक कम हो जाता है हम एक गहरी नींद में नहीं जा पाते तो इसलिए कोशिश करिए कि जिस भी रूम में आप सोये वहा पूरा अंधेरा हो अगर आपको थोड़ी लाइट की जरूरत हो भी तो भी आप एक बहुत ही लो low इंटेंसिटी intensity वाले रेड कलर की नाइट बॉल का ही यूज करें।
4.कम करे अपनी बॉडी टेम्प्रेचर
Reduce your body temperature
फोरथ टिप है कम करे अपनी बॉडी टेम्प्रेचर(Reduce your body temperature)। रिसर्चर्स ने कुछ दिन इनसोमनिया (insomnia)से पिरित (suffer)करने वाले लोगों पर एक स्टडी की। इस स्टडी के लिए। इन सभी लोगों को एक थेरर्मल सूट पहना कर इनकी स्लीप पैटर्न को ऑब्जर्व किया। इस दौरान ये ऑब्जर्व किया गया कि सभी लोगों के बॉडी टेम्प्रेचर को सिर्फ एक डिग्री कम कर देने से इनकी स्लीप क्वॉलिटी एंड टाइम नॉर्मल लोगों की तरह ही हो जाती है। फाइनली ये मंजूर किया गया कि थोड़े से ठंडे दिन कंफर्टेबल टेम्प्रेचर में सोने से लोगों की स्लीप क्वॉलिटी बेटर हो जाती है। तो इसलिए आप भी कोशिश करें कि सोते वक्त अपने रूम का टेम्प्रेचर थोड़ा कम कर लें। इसके लिए अब एसी ac का यूज कर सकते हैं। अगर आपके घर पर एसी नहीं है तो आप सोने से दो घंटे पहले गर्म पानी से भी नहा सकते हैं। ऐसा करने से आपका बॉडी टेम्प्रेचर शुरुआत में थोड़ा बढ़ जाएगा क्योंकि पानी का टेंपरेचर गर्म होगा। बट जब आपकी बॉडी उस अब नॉर्मली हाई टेम्प्रेचर को एडजस्ट करने की कोशिश करेगी तो वो आपके बॉडी टेम्प्रेचर को कुछ देर बाद पहले से थोड़ा कम कर देगी जिस वजह से आप refreshभी हो पाएंगे।
5. मन को स्थिर रखे व दश तरह की बात सोचना बन्द करे
Calm your mind and stop mental chatter
फिफ्थ मन को स्थिर रखे व दश तरह की बात सोचना बन्द करे ।(calm your mind and stop mental chatter) कई बार जब हम सोने की कोशिश करते हैं तो भले ही हमारी बॉडी जितनी मर्जी थकी हुई हो पर हमारा माइंड शांत नहीं हो पाता। लगातार कुछ ना कुछ थॉट हमारी माइंड में चलते रहते हैं। जितनी मर्जी करवटें बदल लो माइंड शांत नहीं हो पाता और बस यही करते करते आधी रात बीत जाती है तो इस केस में जबरदस्ती सोने की कोशिश करने के बजाए आप उसी टाइम उठकर बैठ जाएं। एंटी ब्रीदिंग(Brrathing) एक्सरसाइज करने की कोशिश करें। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज कैसे करनी है आप इसके बारे में ऑनलाइन भी पढ़ सकते हैं ताकि आप सही तरीके से एक्सरसाइज कर पाएं। फिर इस डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज के बाद अब लेट जाएं। लेटकर मेडिटेशन करने की कोशिश करें। एक बहुत ही जबरदस्त मेडिटेशन टेक्नीक जो अच्छी स्लीप के लिए बहुत इफेक्टिव है उसका नाम है योग निद्रा। इसे भी ऑनलाइन सर्च करें।
जब भी आपको सोने में प्रॉब्लम फील हो तो इस तकनीक का यूज करें।
तो दोस्तो यह थी कुछ 5 टिप्स जो आप जल्दी नीन्द पाने के लिए यूज कर सकते हैं। अब बात करते हैं कि अलग अलग एज के एकॉर्डिंग(According)हमें कितनी देर तक सोना चाहिए ये डेटा में आपको नैशनल स्लीप फाउंडेशन के रिसर्च रिजल्ट से बता रहा हूं जो कि नाइट कैटिगरीज में डिवाइड होस्ट वन मतलब वो बच्चे जो भी शुरू से के हैं इन्हें 14 से 17 घंटों तक सोना चाहिए। मतलब जिनकी एज 4 से 11 महीने तक है उन्हें 12 से 15 घंटे तक सोना चाहिए। और Toddler(तोद्दलेर) जिनकी ज अभी एक से दो साल के बीच में इन्हें 11 से 14 घंटों तक सोना चाहिए। (pre schooler)प्री स्कूल्स जिनकी एज थ्री से फाइव के बीच में उन्हें 10 से 13 घंटे तक सोना चाहिए फिर स्कूल लेट मतलब ही वो बच्चे जिनकी उम्र 6 से 13 साल के बीच में इन्हें 9 से 11 घंटे तक सोना चाहिए। teenagers तीनगेर्स जिनकी एज 14 से 17 साल के बीच में इन्हें 8 से 10 घंटे तक सोना चाहिए। यंग एडल्ट्स जिनकी एज 18 से 25 साल तक है उन्हें 7 से 9 घंटे तक सोना चाहिए। और जिनकी उमर 26 से 64 साल तक है उन्हें भी 7 से 9 घंटो तक ही सोना चाहिए और एज में गोल्डेन एडल्ट्स जिनकी एज सिक्सटी फाइव 65 ईयर्स years या उससे ज्यादा है उन्हें 7 से 8 घंटे तक सोना चाहिए।
अब शायद इन सारी बात को जानने के बाद आप अपने लिए जरूरी स्लीप टाइम को जानने के बाद आप एक अच्छी क्वॉलिटी स्लीप ले पाएंगे। मैं उम्मीद करता हूं कि आपको ये पोस्ट हेल्पफुल लगी होगी।